उन शेहनशाहों की कहानी, ये तलवारें बता रही हैं

mughalमुगलों की शान-औ-शौकत, ये मजारे बता रही हैं
दिल्ली का इतिहास, ये दीवारें बता रही हैं
दौर था वो जब झुकता था जमाना, बजती थी ग़ज़लें – बजता था गाना
उन शेहनशाहों की कहानी, ये तलवारें बता रही हैं

ये दौर है उस शहर का, मजहब जहां जुड़ते हैं
यमुना के किनारे पर, शांति ध्वज उड़ते हैं
नृत्य कृष्ण भक्त करते जहां, इस्कॉन की गलियों में
खोये रहते भवरे जहां, फूलों की कलियों में
बढ़ते शहर की कहानी,ये कतारें बता रही हैं
दौर था वो जब झुकता था जमाना, बजती थी ग़ज़लें – बजता था गाना
उन शेहनशाहों की कहानी, ये तलवारें बता रही हैं

अक्षरधाम के किनारे, बसता हूँ मैं
शहर को सुधारे, वो रस्ता हूँ मैं
आवाम की तरक्की, ये मीनारें बता रही हैं
सूरज की धूप को, ये दीवारें छुपा रही हैं
दौर था वो जब झुकता था जमाना, बजती थी ग़ज़लें – बजता था गाना
उन शेहनशाहों की कहानी, ये तलवारें बता रही हैं

निट का हूँ मैं, एक साधारण कर्मचारी
दिल्ली में मेट्रो की, करता हूँ सवारी
कलयुग में सोया हूँ, कविताओं में खोया हूँ
दिल्ली की सूरत, ये अखियां जता रही हैं
दौर था वो जब झुकता था जमाना, बजती थी ग़ज़लें – बजता था गाना
उन शेहनशाहों की कहानी, ये तलवारें बता रही हैं

– पुनीत वर्मा की कलम से

Facebook Comments

Puneet Verma
Puneet Verma, is founder, promoter & author of Mission Green Delhi blog & platform. He is Acumen & Ideo.org certified Human-Centered Design professional as well. You can find more than 600 articles, stories and poems written by him on this online publication.

To share thoughts with him, you can whatsapp him at +919910162399.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

17 + 12 =

What are you looking for ?


Your Email

Let us know your need

×
Connect with Us

Your Name (required)

Your Email (required)

Your Message

×
Subscribe

×
Close