कब तक मैं रुका रहूं, जब फितरत है मेरी बहते रहने की

कब तक मैं चुप चाप रहूं ,जब हसरत है मेरी कहते रहने की
कब तक मैं रुका रहूं, जब फितरत है मेरी बहते रहने की
चलता हूँ दोस्त अब मैं, चुनौती भरे रास्तों पर
आखिर कब तक अटका रहूं,जब फितरत है मेरी ढहते रहने की

रुकना जीवन की जर्नी में, कीचड़ का काम है
बहते रहना हर हाल में ,नदिया का काम है
चलता हूँ दोस्त अब मैं, चुनौती भरे रास्तों पर
आखिर कब तक धीमे से बोलूं , जब फितरत है मेरी चहकते रहने की

एहसान है आपका, इतना कुछ मुझको दिया
दिल्ली को ग्रीन बनाया, इतना प्यार मुझको किया
चलता हूँ दोस्त अब मैं, चुनौती भरे रास्तों पर
कब तक चलूँ सीधा मैँ, जब फितरत है मेरी भटकते रहने की

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Puneet Verma
Puneet Verma is environmental blogger & Mission Green Delhi(MGD) crusader. MGD Platform has been supported by more than 260 environmentalists from Delhi & other parts of India.

Puneet is Acumen & Ideo.org certified Human-Centered Design professional and techie who has vast experience in managing online portfolio of big corporate brands.

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