छेदी साम्राज्य का सच : भगवान कृष्ण से सम्राट अशोक तक

नर्मदा नदी के किनारे मध्य प्रदेश के महेश्वर राज्य के और रामायण काल के महाराज कर्तावीर्य अर्जुन हैहयस वंश के राजा थे जिन्होंने रावण को बंदी बनाया था। लिंग पुराण के अनुसार शूरसेन कर्तावीर्य के पुत्र थे और यादव वंश और मथुरा के राजा। उनके बाद वासुदेव मथुरा के राजा बने जिनके पुत्र भगवान कृष्ण हुए।

शिशुपाल भगवान कृष्ण के अंकल का पुत्र था. शिशुपाल छेदी साम्राज्य का राजा भी था. भीम और नकुल की पत्नियां भी छेदी साम्राज्य से ही थी।   छेदी साम्राज्य में आगे चलकर राजा वासु हुए, जो एक कुरु वंशज थे।  उनके  सबसे बड़े बेटे बृद्धरथ हुए जो मघद देश के पहले राजा हुए। बृदरथ वंश में चौबीस राजा हुए।  बृदरथ वंश के आखिरी राजा रिपुंजय को उनके मंत्री सुनिका या पुलिका ने मार डाला।

जब पुलिका ने राजकुमार प्रद्योता को उज्जैन के सिंहासन पे बिठाया, उसी समय बृद्धरथ वंश/चन्द्रवंश की समाप्ति हुई थी। उज्जैन के पहले राजा विक्रमादित्य भारत के भी पहले  राजा माने जाते हैं। कहा जाता है की राजा परीक्षित के वंश और राजा जरासंध के वंश की समाप्ति भी इसी समय हुई थी।

हर्यंका सम्राट बिम्बिसार भगवान बुद्ध के मित्र और रक्षक थे। राजा शिशुनाग ने प्रद्योता वंश के आखिरी राजा नंदीवर्धन को हराया और हर्यंका वंश(जिसका आखिरी राजा नगदसाका था जिसने अपने पूर्वजों  बिम्बिसार और अजातशत्रु की तरह ही अपने पिता मुंडा की  हत्या कर दी थी ) को भी समाप्त कर दिया। हर्यंका वंश के समाप्त होने पर शिशुनाग वंश की शुरुआत हुई। महानदिन शिशुनाग वंश के आखिरी राजा थे।  इनके और शूद्र माता के पुत्र  महा पदम नन्द हुए जिन्होंने नन्द वंश की शुरुआत की।  जब ८८ वर्ष में उनकी मृत्यु हुई तो उनके क्रूर पुत्र धना नन्द ने राज्य को संभाला।  चन्द्र गुप्त मौर्या ने, जो एक नन्द राजकुमार और एक दासी  के पुत्र थे, चाणकय, सिकंदर  और अन्य राजाओं की मदद से नन्द वंश को समाप्त कर दिया और मौर्या वंश की शुरुआत की। चन्द्र गुप्त मौर्य ने सिकंकर के मंत्री की बेटी से विवाह किया और बिन्दुसार पैदा हुए।  मौर्या वंश में आगे चलकर बिन्दुसार और सम्राट अशोक जैसे राजा हुए।

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Puneet Verma
Puneet Verma, is founder, promoter & author of Mission Green Delhi blog & platform. He is Acumen & Ideo.org certified Human-Centered Design professional as well. You can find more than 600 articles, stories and poems written by him on this online publication.

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