जिंदगी की सड़क पर, हम कहाँ आ गए

जिंदगी की सड़क पर, हम कहाँ आ गए
छोड़ के उस वक़्त को, जो बड़ा मासूम था
बरखा में भीगे पत्तों सा, वृक्षों में जो गुम था
उस रस्ते से निकलकर, हम कहाँ आ गए
जिंदगी की सड़क पर, हम कहाँ आ गए

ऐ वक़्त ऐ रहनुमा, करता हूँ मैं इल्तज़ा
चिंतामई  इस युग से अब, वापस मुझको लेकर जा
लड़खड़ाते इन क़दमों से, हम कहाँ आ गए
जिंदगी की सड़क पर, हम कहाँ आ गए

क्यों बिछड़ कर चले गए, सर्जक जो हमारे थे
दिल के नजदीक थे, और बहुत प्यारे थे
लगता नहीं अब कोई अपना, हम जहां आ गए
उस रस्ते से निकलकर, हम कहाँ आ गए

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Puneet Verma
Puneet Verma is environmental blogger & Mission Green Delhi(MGD) crusader. MGD Platform has been supported by more than 260 environmentalists from Delhi & other parts of India.

Puneet is Acumen & Ideo.org certified Human-Centered Design professional and techie who has vast experience in managing online portfolio of big corporate brands.

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