इस सुहानी सांझ में, मुघ्को तुम आवाज ना देना

 

मेरे इस यकीन को, फिर कोई लिबाज़ ना देना -दिल से मेरे निकल रहे, सुर को तुम कोई साज़ ना देना
यूँ ही बैठे रहने दो, यूँ ही रूठे रहने दो – इस सुहानी सांझ में, मुघ्को तुम आवाज ना देना

—————————————————————–

नारंगी ये शाम हुई है, शहर की सर्ड्कें जाम हुई हैं – झील किनारे मैं हूँ बैठा, दुनिया ये बदनाम हुई है
अपनी प्यार मोह्हबत का, जाहिर कर कोई राज ना देना
यूँ ही बैठे रहने दो, यूँ ही रूठे रहने दो – इस सुहानी सांझ में, मुघ्को तुम आवाज ना देना

——————————————————————-

चिडिओं का घर वापस जाना, मुघ्को अच्छा लगता है – सूरज का यूँ छिपते जाना , मुघ्को सच्चा लगता है
अपने हँसते होठों को, होने तुम नाराज न देना

यूँ ही बैठे रहने दो, यूँ ही रूठे रहने दो – इस सुहानी सांझ में, मुघ्को तुम आवाज ना देना

Facebook Comments

Puneet Verma
Puneet Verma is passionate traveler, youtuber, webmaster and promoter of Mission Green Delhi blog & platform. He is Acumen & Ideo.org certified Human-Centered Design professional. Subscribe to youtube channel of Puneet "Life of Webmaster" at https://goo.gl/3sVNPM

For business promotion, whatsapp him at +919910162399 or mail at missiongreendelhi@gmail.com.

To hire Puneet as webmaster for your business website, mail him at puneet6565@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

fourteen − 7 =

What are you looking for ?


Your Email

Let us know your need

×
Connect with Us

Your Name (required)

Your Email (required)

Your Message

×
Subscribe

×
Close