Think Green with Jute Bags

जूट सबसे सस्ती प्राकृतिक रेशों में से एक है और कपास के बाद सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला पर्यावरण अनुकूल रेशा है. अगर जूट का इस्तेमाल हमारी दिनचर्या में होना शुरू हो जाए तो लाइफ सच में रोमांचक हो जाएगी. क्योंकि ऐसा करने से हमारा वातावरण हमे जो शुक्रिया और प्यार देगा, उससे हमारा मन और इश्वर दोनों ही प्रसन्न हो जाएंगे और हम परम शान्ति का अनुभव कर पाएंगे. अब आप सोच रहे होंगे की जूट कहाँ कहाँ काम आ सकेगा. तो सुनिए अपने लैपटॉप के बैग को, अपने ऑफिस के बैग को आप जूट से बने शीतल बैग से बदल सकते हैं. अगर घर में योग और ध्यान करते हैं तो जूट से बनी चटाई का इस्तेमाल कर सकते हैं. महिलाएं जूट से बड़े शोउल्डर बैगस का इस्तेमाल कर सकती हैं. और आज कल तो पर्यावरण के संदेशों के साथ जूट से बने बैग मार्केट में आ रहे हैं, जिन्हें इस्तेमाल करके आप जागरूकता फैला सकते हैं और इस तरह एक अच्छे नागरिक होने का फ़र्ज़ निभा सकते हैं. स्कूल जाने वाले बच्चे जूट से बने बैग का इस्तेमाल करके दुसरे बच्चों को जागरूक कर सकते हैं. शोपिंग के लिए हम सुन्दर प्रिंटेड कैर्री बैग ले जा सकते हैं. बल्कि आजकल तो अपने documents और फाइल्स को रखने के लिए, पानी की बोतल को कैरी करने करने लिए भी जूट से बने बैग आ रहे हैं. अपने घर को सुन्दर और शीतल बनाने के लिए आप जूट से बना furniture इस्तेमाल कर सकते हैं, अपने मेज, कुर्सी और बेड की सजावट जूट से बने नप्किन से कर सकते हैं. सच तो ये है की जूट की बात करने मात्र से मन प्रसन्न हो रहा है और जिंदगी खूबसूरत से प्रतीत हो रही है.

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Hello Friends, my name is Puneet Verma and I am a passionate traveler, environment blogger, and nature lover. People call me a visual storyteller and influencer and God has given me an opportunity to initiate a beautiful community of environment enthusiasts at missiongreenindia.org and missiongreendelhi.com.

Reach out to me at 9910162399 for collaboration.

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