वृक्ष हमारे मित्र

सभी #वृक्ष_मित्र_परिवार के मित्रों को नमस्कार !

आप में से शायद बहुत से लोगों ने इस बात पर विचार नहीं किया होगा कि, वृक्षों का हमारे संस्कारों में एक अलग महत्व क्यों है। हमारे व्रत, त्योहारों और कई बार तो ज्योतिषीय कारणों से भी वृक्षों पर जल, तिल, सरसों के तेल चढ़ाने या दीपक जलाने जैसे कार्य किये जाते हैं । यह सब यू ही नहीं है, बल्कि इन सब के पीछे वृक्षों की प्रकृति और गुण धर्म के भी कारण है। गर्मियों मे रात्रि में घर के सामने जिस स्थान पर अक्सर खाट लगाते हैं, वहाँ पर जो पेड़ होता है, उसपर भी अगर ध्यान दें तो मानव जीवन में उपयोग और जरूरत के हिसाब से वृक्षों का भी एक वर्गीकरण है । इमली के पेड के नीचे सोना प्रतिबंधित होता है पर नीम के पेड़ के नीचे नहीं।

ऐसी बहुत सी चीजें हैं, कभी विस्तार से इन्हें भी लिखूंगा पर आज एक जानकारी बांट रहा हूँ जो कि हमारे जीवन में उपयोगी है और वो है कि हमारी राशियों से वृक्षों का संबंध। देखें कि आपकी राशि का वृक्ष कौन सा है और हम उससे कैसे लाभान्वित हो सकते हैं। अभी सिर्फ संक्षेप में राशि और पौधे के बारे में लिख रहा हूँ आगे विस्तार से अलग अलग लिखूंगा।

राशि – पेड़-पौधे

मेष – आंवला
वृष – जामुन,
मिथुन – शीशम,
कर्क – नागकेश्वर,
सिंह – पलास,
कन्या – रिट्ठा,
तुला – अजरुन,
वृश्चिक – भालसरी,
धनु – जलवेतस,
मकर – अकोन,
कुंभ – कदम्ब
मीन – नीम

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विष्णु मोहन , वृक्ष मित्र परिवार - वृक्षारोपण, हरित दिल्ली और निर्मल यमुना के संकल्प का परिणाम है। दिल्ली की बिगड़ती आबोहवा और शहरीकरण की अंधी दौड़ में आज दिल्ली में पर्यावरणीय संतुलन काफी हद तक बिगड़ रहा है। आज से २ साल पहले पंछियो को दाना पानी देने और फलदार वृक्षों के सरक्षण से शुरू हुई यह पहल लोगो के सहयोग और स्नेह से वृक्षारोपण और हरित क्षेत्र बचाने की मुहीम बन गयी और पता ही नहीं चला। पिछले १ साल में 200 से अधिक देसी फलदार वृक्षों के रोपण और सरक्षण की कामयाबी के बाद आगामी 1 साल में हम 300 और वृक्षों को लगाने का लक्ष्य है जिसमे बिल्ब, जामुन, पिलखन, पीपल, बड़, कनेर नीम प्रमुख है। अभी जून तक स्वछता और कचरा प्रबंधन के लिए हर आर डब्लू ए के साथ निवासियों से संवाद करने का प्रोग्राम है। साथ में उन्हें पौधों का मुफ्त वितरण भी शामिल है। Mobile: 9311290044

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