देख के सपना ग्रीन शहर का, सोच हमारी बदल गयी

ग्रीन स्क्रीन का जादू ऐसा, शहर है बदला, देश है बदला  – माया के सब परदे उठ गए, झूठा अपना भेस है बदला
ज्यों ज्यों तेरा मन ये बदला, धरती सारी बदल गयी  – देख के सपना ग्रीन शहर का, सोच हमारी बदल गयी
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मन की सारी चिंता छूटी, जीवन ये आसान हुआ – ग्रीन टेक पे समय बिताकर , दिल से तू धनवान हुआ
आँख खुली जब हमने देखा, दृष्टी सारी बदल गयी
ज्यों ज्यों तेरा मन ये बदला, धरती सारी बदल गयी  – देख के सपना ग्रीन शहर का, सोच हमारी बदल गयी
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अहम् को अपने पीछे छोड़ा, सुन्दर ये संसार हुआ  – मीठे बोल जो तुने बोले, सबको  तुघ्से प्यार हुआ
प्यार में तेरे सब कुछ बदला, सांस हमारी बदल गयी
ज्यों ज्यों तेरा मन ये बदला, धरती सारी बदल गयी  – देख के सपना ग्रीन शहर का, सोच हमारी बदल गयी

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मुग्को वो आवाज अब, नयी नयी सी लगती है

 

हलकी सी नाराज और, खोई खोई सी लगती है  – मुघ्को ये दुनिया अब, सोयी सोयी सी लगती है
चलता हूँ मैं पथ पर अपने, उड़ता हूँ मैं रथ पर अपने  – मुग्को वो आवाज अब, नयी नयी सी लगती है
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तुग्को पीछे छोड़कर, पाया मैंने लाखों को  – दिल को अपने खोल दिया है,खोल दिया है आँखों को,
तेरी ये कहानी मुघ्को, कही कही सी लगति है  – चलता हूँ मैं पथ पर अपने, उड़ता हूँ मैं रथ पर अपने
मुग्को वो आवाज अब, नयी नयी सी लगती है
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पल पल सबका चेहरा बदला ,मनोरंजन की इस दुनिया में – कलाकार भी नए मिले, दुखभंजन की इस दुनिया में
मुघ्को उसकी हाँ भी अब, नहीं नहीं सी लगती है – चलता हूँ मैं पथ पर अपने, उड़ता हूँ मैं रथ पर अपने
मुग्को वो आवाज अब, नयी नयी सी लगती है

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ग्रीन टेक की दुनिया में , मैं उड़ता हुआ जा रहा हूँ

 

घर से हूँ निकला , इबादत के विमान में – बस तेरा नाम लेके, खुशिओं  के जहान में
मोह्हबत की बगिया में, मैं लड़ता हुआ जा रहा हूँ  – ग्रीन टेक की दुनिया में , मैं उड़ता हुआ जा रहा हूँ

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नीले अम्बर के साथ, और सुबह के आँचल में – ना ही शिमला में, ना ही उत्तरांचल में
दिल्ली की सड़क पर, मैं बढता हुआ जा रहा हूँ  – ग्रीन टेक की दुनिया में , मैं उड़ता हुआ जा रहा हूँ

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प्रेम पथ के किनारों पर , यूँ प्यार का लगा के बूटा   – तेरी हंसी का ध्यान करके, अक्षरधाम है पीछे छूटा
मिशन ग्रीन की पोथी को, मैं पड़ता हुआ जा रहा हूँ  – ग्रीन टेक की दुनिया में , मैं उड़ता हुआ जा रहा हूँ

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