Lekar Tonic Khushion Kaa, Green Tech Kaa Spoon Aaya

पांच महीने बीते झट से, लेकर गर्मी जून आया – दिन भर तपती धरती पर, ठंडक लेकर मून आया
देखो टीना थक कर बैठी, देखो राहुल थक कर बैठा  – लेकर टोनिक खुशिओं का, ग्रीन टेक का स्पून आया
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मानव के कर्मो से कब तक, धरती जलती जाएगी  – हफ्ता हफ्ता वेट करा कर, बरखा कब तू आएगी
गर्म गर्म ये रूरकी बीता, आखिर देहरादून आया  – देखो टीना थक कर बैठी, देखो राहुल थक कर बैठा
लेकर टोनिक खुशिओं का, ग्रीन टेक का स्पून आया
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काट काट कर पेड़ों को, इतना कागज़ क्यों तू खाए – देकर धोखा दुनिया को, दिल को अपने क्यों जलाए
रक्त दान के सेण्टर पर , देकर अपना खून आया – देखो टीना थक कर बैठी, देखो राहुल थक कर बैठा
लेकर टोनिक खुशिओं का, ग्रीन टेक का स्पून आया
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शीतल शीतल प्याऊ का, शीतल शीतल पानी पी ले – सचे गुरु के मुख से निकली, मीठी मीठी वाणी पी ले
मिशन ग्रीन का सुन्दर सपना, लेकर ये जूनून आया – देखो टीना थक कर बैठी, देखो राहुल  थक कर बैठा
लेकर टोनिक खुशिओं का, ग्रीन टेक का स्पून आया

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दिल तक तेरे जो पहुंचेगी, वही रूहानी बात कहूँगा

मदिरा के प्यालों से खेलो, खेलो न तुम जीवन से – सर्द सुबह का आलम होगा ,मिलोगे जब तुम मौसम से
ग्रीन टेक की दुनिया में, हर पल तेरे साथ रहूँगा  – दिल तक तेरे जो पहुंचेगी, वही रूहानी बात कहूँगा
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अजनबीयों की दुनिया में, हर पल क्यों तुम डरती हो  – हार के अपने जीवन से, पल पल आंसू भरती हो
मुख की ज्वाला को अब पहचानो, यही जुबानी बात कहूँगा – ग्रीन टेक की दुनिया में, हर पल तेरे साथ रहूँगा
दिल तक तेरे जो पहुंचेगी, वही रूहानी बात कहूँगा

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धोखा देकर दुनिया को, क्यों तू मन का बोझ बढाए  – गलती अपनी मान के अब तो, क्यों ना सच की खोज बढाए
बन के फूल सरोवर का, आज सुहानी रात बहूँगा – ग्रीन टेक की दुनिया में, हर पल तेरे साथ रहूँगा
दिल तक तेरे जो पहुंचेगी, वही रूहानी बात कहूँगा

By Puneet Verma – missiongreendelhi@gmail.com

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कॉलेज के वो दोस्त, मुघ्को याद आ गए

चलते चलते हाई वे पर, मेन गेट को मैंने चूमा – कॉलेज की उन् यादों को, लेकर फिर ये मन है झूमा
यादों के वो बादल, सालों बाद छा गए – कॉलेज के वो दोस्त, मुघ्को याद आ गए
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पास होने की खातिर, रात गवाई शिक्षा में – परचा भरने की खातिर, मुंडी घूमी परीक्षा में
क्लास रूम के मंजर, सालों बाद आ गए – कॉलेज के वो दोस्त, मुघ्को याद आ गए
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हॉस्टल का वो बेड, मेस का वो खाना – दिवाली के दिन, वो घर को वापस आना
कपड़ों का बैग लेकर , बस स्टैंड पर आ गए – कॉलेज के वो दोस्त, मुघ्को याद आ गए
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परीक्षा के दिन, वो मूवी हेंग आउट करना – बास्केट बाल के ग्राउंड में , वो क्रेजी शोउट करना
हॉस्टल रूम से लिखते लिखते, ग्रीन ब्लॉग पर आ गए – कॉलेज के वो दोस्त, मुघ्को याद आ गए

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