ग्रीन शहर की कविता लिखकर

श्रद्धा का ये  जाल काट कर, दोस्त के झूठे बोल समझ ले  – मात पिता की बात समझ तू , धन का अब तो मोल समझ ले  – दिल्ली  की  इस नगरी में, अब नदिया जैसा बहता हूँ
ग्रीन शहर की कविता लिखकर, सची बात मैं कहता हूँ

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आदत तेरी बुरी नहीं है , बुरी तुम्हारी संगत है – मौसम का बस असर हुआ है, बदली सी जो  रंगत है
आंखें खोल के अपनी मैं तो, ग्रीन हार्ट में रहता हूँ   – दिल्ली  की  इस नगरी में, अब नदिया जैसा बहता हूँ
ग्रीन शहर की कविता लिखकर, सची बात मैं कहता हूँ

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रक्षक बनकर तेरी लाइफ का , मात पिता ने तुघ्को पाला – भ्रष्ट बुद्धि को दण्डित करके, उन्होंने हर पल तुघे संभाला
भूल के सब कुछ तू क्यों बोले, यार मैं सब कुछ सहता हूँ  – दिल्ली  की  इस नगरी में, अब नदिया जैसा बहता हूँ
ग्रीन शहर की कविता लिखकर, सची बात मैं कहता हूँ

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आज सवेरा हो गया

 

खिड़की खुली है, आज अचानक  –  ख़तम हुई है, रात भयानक
तेरे शीतल हाथ  छुए तो, ख़तम अँधेरा हो गया  – आँखें खुली तो मैंने पाया, आज सवेरा हो गया

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होठों को मुस्कान मिली है, तेरी हंसी का जादू चल गया  – तन्हाई के जंगल में , खुशिओं का अब रस्ता मिल गया
दिशा हुई है आज हमारी, वक़्त हमारा हो गया  – तेरे शीतल हाथ  छुए तो, ख़तम अँधेरा हो गया
आँखें खुली तो मैंने पाया, आज सवेरा हो गया

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सपना टूटा, हमको लूटा, तेरी मीठी बोली  ने  – शहर ये बदला, देश ये बदला,  ग्रीन टेक की टोली  ने
चिड़िया चहकी जीवन में तो, शुरू बसेरा हो गया  – तेरे शीतल हाथ  छुए तो, ख़तम अँधेरा हो गया
आँखें खुली तो मैंने पाया, आज सवेरा हो गया

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Lekar Tonic Khushion Kaa, Green Tech Kaa Spoon Aaya

पांच महीने बीते झट से, लेकर गर्मी जून आया – दिन भर तपती धरती पर, ठंडक लेकर मून आया
देखो टीना थक कर बैठी, देखो राहुल थक कर बैठा  – लेकर टोनिक खुशिओं का, ग्रीन टेक का स्पून आया
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मानव के कर्मो से कब तक, धरती जलती जाएगी  – हफ्ता हफ्ता वेट करा कर, बरखा कब तू आएगी
गर्म गर्म ये रूरकी बीता, आखिर देहरादून आया  – देखो टीना थक कर बैठी, देखो राहुल थक कर बैठा
लेकर टोनिक खुशिओं का, ग्रीन टेक का स्पून आया
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काट काट कर पेड़ों को, इतना कागज़ क्यों तू खाए – देकर धोखा दुनिया को, दिल को अपने क्यों जलाए
रक्त दान के सेण्टर पर , देकर अपना खून आया – देखो टीना थक कर बैठी, देखो राहुल थक कर बैठा
लेकर टोनिक खुशिओं का, ग्रीन टेक का स्पून आया
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शीतल शीतल प्याऊ का, शीतल शीतल पानी पी ले – सचे गुरु के मुख से निकली, मीठी मीठी वाणी पी ले
मिशन ग्रीन का सुन्दर सपना, लेकर ये जूनून आया – देखो टीना थक कर बैठी, देखो राहुल  थक कर बैठा
लेकर टोनिक खुशिओं का, ग्रीन टेक का स्पून आया

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