Re-Engineering की आवश्यकता

आओ हम सब मिलकर उन सब समाधानों को एकत्रित करें जो हमारे इस दिल्ली शहर को सोने की चिड़िया में बदल दें. मिशन ग्रीन डेल्ही ब्लॉग हर technocrat को आमंत्रित करता है की वो आएं और हो सके तो अपनी मात्र भाषा को प्रयोग करते हुए उन मुद्दों को उठाएं जिनको अपने शहर में पुनरभियांत्रीकरण (Re -Engineering) की आवश्यकता है.  इस पुनरभियांत्रीकरण की जरुरत शहर में हर क्षेत्र में है फिर चाहे वो Education का क्षेत्र हो, चिकित्सा का क्षेत्र हो या फिर क़ानून का क्षेत्र हो. हम सब जब भी मिलते हैं या बात करते हैं तो एक दुसरे से कुछ सवाल करते हैं ? ये पेट्रोल की कीमत क्यों बढ रही है ? ये बिजली के रेट क्यों बढ रहे हैं ? ये खाने की चीजें क्यों महंगी हो गयी हैं ? ये गैस क्यों महंगी हो गयी ? और इन् सब का जिमेवार सरकार को बना देते हैं. लेकिन क्या हम कभी अपनी दिनचर्या पर विचार करते हैं ? क्या हम ब्रांडेड कपडे खरीदते वक़्त लाल बत्ती पर खड़े उस बच्चे के बारे में सोचते हैं जो इस सर्द ठण्ड में भी बिना कपड़ों के ठिठुर रहा है ?  हज़ारों रूपए bread , हॉट dog, chicken या मटन  पे खर्च करते वक़्त हमको सामने खड़े भूखे बचे नजर नहीं आते ? अगर हम सच में पेट्रोल और खाद्य पदार्थों को लेकर चिंतित हैं तो हमे आज और अभी से अपनी ये दिनचर्या बदलनी होगी. जो धन विदेशी झुकाव के कारण व्यर्थ हो रहा है उसकी बचत की तरफ ध्यान देना होगा और उसे अपने इस दिल्ली शहर में हरियाली और खुशहाली लाने में इस्तेमाल करना होगा जिससे दिल्ली के हर रोते हुए मासूम चहरे पे ख़ुशी आ सके. वाहन के इस्तेमाल में कमी करते हुए धन और वातावरण की रक्षा करनी चाहिए. कोयले, तेल और गैस के दाम बढ रहे है, जिससे उनसे उत्त्पादित होने वाली बिजली के दाम बढ रहे हैं.  धन का इस्तेमाल वातावरण को काला करने के लिए नहीं  बल्कि शहर को और सुन्दर बनाने के लिए करना है. बिजली की बचत करनी होगी और बिजली चोरी का ध्यान रखना होगा, ताकि अपने शहर में विधुत अवकाश ना हो सकें. ये में इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि जिस शहर में ऊर्जा अवकाश (Power Holidays) नहीं होते वो दुनिया में सबसे सम्रध शहर होता है और हमे भी ग्रीन initiative लेते हुए अपने दिल्ली शहर को सम्रद्धि की राह पर ले जाना है.

Aviation & Homeland Security in Delhi

जो काम हमे ऊपर वाले ने assign किया है अगर वो काम हम ठीक से नहीं करते तो हम अपने लिए नरक के द्वार खोल लेते है. जैसे की एक प्लेन का पाईलट अगर लापरवाही दिखाते हुए प्लेन का चेकउप कराए बगेर यात्रिओं की जिंदगी के साथ खेलता है. अर्जुन महाभारत में अच्छाई दिखाते हुए अगर अपना क्षत्रिय धर्मं भूल जाता और युद्ध लड़ने से इनकार कर देता तो पूरा संसार उसको कायर की नजर से देखता और वो अगर अपना काम करते हुए हुए अगर मृत्यु को भी प्राप्त हो जाता तो उसको विश्व एक वीर की तरह याद करता जैसे की अब हम उसको याद करते हैं. किसी भी प्लेन , रेल गाडी, कार या बस में यात्रिओं को बिठाने से पहले यह निश्चित कर लेना जरूरी है की उस वाहन के सभी यंत्र ठीक से काम कर रहे हैं. देश में जो भी दुर्घटनाएं हो रही हैं उनसे निबटने के लिए हमे एक ऐसी संस्था की आवशयकता है जो इन सभी ट्रांसपोर्ट और Aviation technologies की maintenance और सिक्यूरिटी का धयान रखती हो. ऐसी संस्था जो सिक्यूरिटी और maintenance के standards और policies को अच्छी तरह समझती हो और उसके अनुसार काम करते हुए देश के लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखती हो. एक ऐसी ही संस्था जो दिल्ली में और विश्व में बहुत अच्छा काम कर रही है और जिसको मैं जानता हूँ Aviation Watch India है , हम उसके वेबसाइट पे जाकर उसके बारे में ज्यादा जानकारी हासिल कर सकते हैं (http://www.aviationwatchindia.com ). और अगर आप सिक्यूरिटी जगत में क्या हो रहा है यह जानने के लिए मेरी तरह उत्सुक हैं तो आप सिक्यूरिटी Watch इंडिया के वेबसाइट http://व्व्व.securitywatchindia.org.इन पे जाकर भारत और विश्व के सिक्यूरिटी जगत का साक्षात्कार कर सकते हैं.

What is Time ? – Aryabhata’s India

There was a session i attended in my office and audience were asked a question “What is Time ?” and i was looking for the answer. And suddenly i created a scenario that what would be the case if there is no word like “TIME” in this world. I felt myself moving in a world with no time and measurements. Suddenly i was hit by some animal and then i went to doctor and asked him to give me some medication. Now doctor asked me a question for which i was not having any answer. The question was “When did animal hit you ?”. And i answered him “I don’t know doc”… But after having visit to the doctor i was very curious to find out the answer of the question “When did animal hit me ?”. Now there was a need to answer the question asked by doctor so that he can give some appropriate medicine to me. And i find out that there should be some mechanism by which i can give some idea of the part of the day, when animal hit me. 1000 of years ago there must be somebody who was asked such type of question and there was a need to find out answer to the question. And finally Indian measurements and mathematics guru Aryabhata discovered mathematics and ways to measure days, nights, distance from sun, digits and provided his theories to scientists of world. So for me “Time was and is need of human being for particular situation and he discovered time mechanism to fulfill his need of answering a question”.

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