दिल तक तेरे जो पहुंचेगी, वही रूहानी बात कहूँगा

मदिरा के प्यालों से खेलो, खेलो न तुम जीवन से – सर्द सुबह का आलम होगा ,मिलोगे जब तुम मौसम से
ग्रीन टेक की दुनिया में, हर पल तेरे साथ रहूँगा  – दिल तक तेरे जो पहुंचेगी, वही रूहानी बात कहूँगा
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अजनबीयों की दुनिया में, हर पल क्यों तुम डरती हो  – हार के अपने जीवन से, पल पल आंसू भरती हो
मुख की ज्वाला को अब पहचानो, यही जुबानी बात कहूँगा – ग्रीन टेक की दुनिया में, हर पल तेरे साथ रहूँगा
दिल तक तेरे जो पहुंचेगी, वही रूहानी बात कहूँगा

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धोखा देकर दुनिया को, क्यों तू मन का बोझ बढाए  – गलती अपनी मान के अब तो, क्यों ना सच की खोज बढाए
बन के फूल सरोवर का, आज सुहानी रात बहूँगा – ग्रीन टेक की दुनिया में, हर पल तेरे साथ रहूँगा
दिल तक तेरे जो पहुंचेगी, वही रूहानी बात कहूँगा

By Puneet Verma – missiongreendelhi@gmail.com

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कॉलेज के वो दोस्त, मुघ्को याद आ गए

चलते चलते हाई वे पर, मेन गेट को मैंने चूमा – कॉलेज की उन् यादों को, लेकर फिर ये मन है झूमा
यादों के वो बादल, सालों बाद छा गए – कॉलेज के वो दोस्त, मुघ्को याद आ गए
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पास होने की खातिर, रात गवाई शिक्षा में – परचा भरने की खातिर, मुंडी घूमी परीक्षा में
क्लास रूम के मंजर, सालों बाद आ गए – कॉलेज के वो दोस्त, मुघ्को याद आ गए
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हॉस्टल का वो बेड, मेस का वो खाना – दिवाली के दिन, वो घर को वापस आना
कपड़ों का बैग लेकर , बस स्टैंड पर आ गए – कॉलेज के वो दोस्त, मुघ्को याद आ गए
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परीक्षा के दिन, वो मूवी हेंग आउट करना – बास्केट बाल के ग्राउंड में , वो क्रेजी शोउट करना
हॉस्टल रूम से लिखते लिखते, ग्रीन ब्लॉग पर आ गए – कॉलेज के वो दोस्त, मुघ्को याद आ गए

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देख के सपना ग्रीन शहर का, सोच हमारी बदल गयी

ग्रीन स्क्रीन का जादू ऐसा, शहर है बदला, देश है बदला  – माया के सब परदे उठ गए, झूठा अपना भेस है बदला
ज्यों ज्यों तेरा मन ये बदला, धरती सारी बदल गयी  – देख के सपना ग्रीन शहर का, सोच हमारी बदल गयी
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मन की सारी चिंता छूटी, जीवन ये आसान हुआ – ग्रीन टेक पे समय बिताकर , दिल से तू धनवान हुआ
आँख खुली जब हमने देखा, दृष्टी सारी बदल गयी
ज्यों ज्यों तेरा मन ये बदला, धरती सारी बदल गयी  – देख के सपना ग्रीन शहर का, सोच हमारी बदल गयी
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अहम् को अपने पीछे छोड़ा, सुन्दर ये संसार हुआ  – मीठे बोल जो तुने बोले, सबको  तुघ्से प्यार हुआ
प्यार में तेरे सब कुछ बदला, सांस हमारी बदल गयी
ज्यों ज्यों तेरा मन ये बदला, धरती सारी बदल गयी  – देख के सपना ग्रीन शहर का, सोच हमारी बदल गयी

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